अनुभवजन्य नियम क्या है?
अनुभवजन्य नियम (जिसे 68-95-99.7 नियम या तीन-सिग्मा नियम भी कहा जाता है) सामान्य वितरण में माध्य से 1, 2 और 3 मानक विचलनों के भीतर आने वाले मानों के प्रतिशत को याद रखने का एक संक्षिप्त तरीका है।
68%
95%
99.7%
दृश्य विश्लेषण
The Classic Bell Curve
| परिसर | प्रतिशत |
|---|---|
| μ ± 1σ | 68.27% |
| μ ± 2σ | 95.45% |
| μ ± 3σ | 99.73% |
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- त्वरित प्रायिकता अनुमान:जटिल गणनाओं के बिना, आप अनुमान लगा सकते हैं कि लगभग 95% डेटा माध्य से 2 मानक विचलनों के भीतर आता है।
- बहिर्वक्र मान पहचान:3σ से परे डेटा बिंदु संयोग से 0.3% से कम समय होते हैं, जो उन्हें जाँच योग्य सांख्यिकीय बहिर्वक्र मान बनाता है।
- गुणवत्ता नियंत्रण:सिक्स सिग्मा पद्धति गुणवत्ता सीमाएँ निर्धारित करने और प्रक्रिया विचलनों की पहचान करने के लिए इस नियम का उपयोग करती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण: SAT अंक
सीमाएँ
केवल सामान्य वितरणों के लिए काम करता है